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सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त सचिव श्री मुकेश जैन| ©आई.सी.आर.सी., आशीष भाटिया

नई दिल्ली – इंटरनेशनल कमिटी ऑफ़ रेड क्रॉस (आईसीआरसी) द्वारा आयोजित इनेबल मेकाथॉन के सभी भागीदारों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग ने समर्थन देने का भरोसा जताया। विभाग के संयुक्त सचिव श्री मुकेश जैन ने मंगलवार को नई दिल्ली में आईसीआरसी व इसके सहभागियों द्वारा आयोजित एक मीडिया वार्तालाप में यह सहमति दी।

इनेबल मेकाथॉन एक 60 दिनों का प्रोग्राम है जिसकी समाप्ति तक तकनीकी डिज़ाइन विशेषज्ञ, विकलांगजनों सहित सभी प्रतियोगी प्रोटोटाइप के रूप में सॉल्यूशन और उत्पाद बनाएंगे। श्री जैन ने कहा कि विभाग सभी 138 प्रतियोगियों से जुड़कर उन्हें उनकी मदद कर सकने वाले संगठनों से उन्हें जोड़ना चाहता है ताकि वे अपने विचार को अमली जामा पहना सकें। विकलांगता के बारे में शारीरिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक बाधाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि ये विचार कोई ऐसा समाधान दे सकते हैं जो विकलांगजनों में निहित सभी संभावनाओं को प्राप्त करने में मदद कर पाएं।

कार्यक्रम की शुरुआत में आईसीआरसी के फिसिकल रिहेबिलिटेशन प्रोग्राम के मैनेजर रॉबर्टएंगलो चिकोने ने आईसीआरसी द्वारा पूरी दुनिया में विकलागजनों के बारे में किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। इनेबल मेकाथॉन के भागीदार आईओटी बैंगलोर के निहाल काशीनाथ और वर्कबेंच प्रोजेक्ट के पवन कुमार ने बताया कि प्रविष्टियों की समाप्ति के समय तक कुल 138 प्रतियोगियों ने खुद का पंजीकरण करवाया था जिनमें से 84 भारत से थे।

दुनियाभर के ग्रामीण इलाकों मे रहने वाले विकलांगजनों के लिए सहायक उपकरण बनावाने के लिए आइसीआरसी और इसके सहभागियों द्वारा इनेबल मेकाथॉन का प्रोजेक्ट शुरू किया गया। यह व्यापक स्तर सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र, अकादमिक व्यक्तियों के परस्पर सहयोग की भावना से प्रेरित है। यह बैंगलोर में ऑनसाइट और पूरी दुनिया में ऑनलाइन आयोजित हो रहा है। सभी प्रतियोगी 23 जनवरी 2016 को बैंगलोर में आयोजित डेमो डे में अपने द्वारा विकसित किए गए प्रोटोटाइप प्रस्तुत करेंगे।